कोरोना काल - विद्यार्थी का हाल
आपका स्वागत है, इस कोरोना महामारी के समय मे नए सत्र में प्रवेश ले रहे प्रत्येक नए विद्यार्थियों के मन की दशा को अपने शब्दों में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। चंचल ये मन था, उत्साहित मेरा हाल था स्नातक में दाखिले का साल था, पर समय कोरोना काल था। शुरू हुई पढ़ाई थी,बिना बच्चों के हॉल था कॉलेज नही जाने का बहुत मलाल था, क्योंकि समय कोरोना काल था। कॉलेज का वो पहला दिन, दिल में संजोए बहुत खयाल था नए दोस्तों से नही हो पाया हाल-चाल था, क्योंकि समय कोरोना काल था। आया नया समाचार था, पढ़ाई का माध्यम अंतराजाल था बेहाल सबका संजाल था, क्योंकि समय कोरोना काल था। कॉलेज जाने का आया खयाल था, मन मे बहुत सवाल था घर वालों से हुवा वार्तालाप था, क्योंकि समय कोरोना काल था। चल रही पढ़ाई थी, आया परीक्षा का साल था सबका हुवा बुरा हाल था, क्योंकि समय कोरोना काल था। किया सबको बदहाल था, खत्म होने जा रहा ये साल था ये साल बहुत बवाल था, क्योंकि समय कोरोना काल था।। ...